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सच्चे महा नायक को श्रद्धा सुमन

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राजनेताओं, फ़िल्मी अभिनेताओं और खिलाडियों के निधन पर हमारा मिडिया, हमारे नेता और हम देशवासी भावुक ह्रदय से दिवंगतों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते आये है. किन्तु आइये आज एक ऐसे महानायक के निधन पर अपनी संवेदनाये व्यक्त करे जो न तो राजनेता था, न कोई सुपर स्टार फिल्म अभिनेता और न ही कोई महान खिलाडी . यह एक ऐसा कुशल प्रबंधक था जिसने दूध के संकट से जूझते भारत देश में दूध की नदिया बहा दी . सत्तर के दशक में मई और जून की गर्मियों में दूध की मिठाई बनाने पर रोक लगा दी जाती थी, ताकि छोटे बच्चों को पीने के लिए दूध उपलब्ध हो सके. किन्तु उसी समय इस महानायक द्वारा शुरू किये गए दुग्ध सहकारी आन्दोलन के बाद फिर कभी दूध की मिठाई बनाने पर पाबन्दी नहीं लगायी गयी.इस सहकारिता आन्दोलन की बदौलत किसानों की आर्थिक स्तिथि में अप्रत्याशित सुधर हुआ. आज इस महा नायक की वजह से भारत दूध उत्पादन में विश्व में अव्वल है. जिन्होंने भैंस के दूध से मिल्क पावडर बनाने की तकनीक विकसित की जिससे दूध के अधिक उत्पादन का संरक्षण किया जा सका. जिनके द्वारा शुरू की गयी आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड (अमूल) को दिग्गज बहुराष्ट्रीय कम्पनियां भी टक्कर नहीं दे सकी है. ………………………………
आइये ऐसे कुशल संगठान कर्ता महान प्रबंधक और भारत में दुग्ध सहकारिता आन्दोलन के जनक श्री वर्गीस कुरियन के निधन पर भाव भरे श्रद्धा सुमन अर्पित करे ………………………………..

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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

shikhakaushik के द्वारा
September 14, 2012

श्रद्धांजलि दुग्ध क्रांति के जनक को .सार्थक पोस्ट .आभार

bharodiya के द्वारा
September 11, 2012

कुरियन साहबने ७ वें दशक में एक फिल्म प्रोड्युस की थी । उन की दुध मंडली के सभ्य पांच लाख किसान थे । सब से दो दो रुपिये दान में लिए । १० लाख में “मंथन” फिल्म बन गई । फिल्म के हिरो वो खूद थे लेकिन फिल्म में नसिरुद्दिन शाह कुरियन बन गया था । कुलभुषण खरबंदा दुध माफिया बने थे । स्मिता पाटिल गांव की गोरी, दुधवाली बनी थी । कुरियन साहब का उस समय तक का पूरा जीवन श्याम बेनेगलने अच्छी तरह दिखा दिया था । राष्ट्रिय और आंतर्राष्ट्रिय पुरस्कार भी मिले हैं । कुरियन साहब को मेरी श्रध्धांजली है ।

    Rajeev Varshney के द्वारा
    September 12, 2012

    आदरणीय बंधू, ब्लॉग पढने और टिपण्णी करने के लिए हार्दिक धन्यवाद, सादर, राजीव


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